नई दिल्ली: सत्येंद्र जैन को CBI की क्लीन चिट
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन को 2018 में दर्ज हुए पीडब्ल्यूडी भर्ती घोटाले के मामले में कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए क्लीन चिट दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान कोई आपराधिक गतिविधि या सरकारी नुकसान सामने नहीं आया, इसलिए आगे की कार्रवाई का कोई औचित्य नहीं है।
2018 में दर्ज हुआ था मामला
CBI ने यह मामला 28 मई 2018 को दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय से मिले रेफरेंस के आधार पर दर्ज किया था। आरोप था कि पीडब्ल्यूडी में क्रिएटिव टीम की भर्ती के दौरान टेंडर की शर्तों को बदला गया ताकि एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ दिया जा सके।
आम आदमी पार्टी का BJP पर हमला
पूर्व डिप्टी सीएम और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि यह मामला BJP की झूठ फैलाने वाली स्क्रिप्ट का हिस्सा था और इसका उद्देश्य आम आदमी पार्टी के नेताओं को बदनाम करना था।
क्या झूठ फैलाने वालों की कोई जवाबदेही नहीं?
सत्येंद्र जैन को इस केस में लगभग 8 वर्षों तक जांच का सामना करना पड़ा, जिसमें बार-बार मीडिया ट्रायल और राजनीतिक हमले भी शामिल रहे। अब जब कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है, तो सवाल उठ रहे हैं कि इस झूठे प्रचार की जवाबदेही किसकी है?