विनायकी चतुर्थी और अंदल जयंती: धार्मिक महत्व और उत्सव
नई दिल्ली में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी और अंदल जयंती के रूप में मनाई जा रही है। इस दिन सूर्य देव कर्क राशि में रहेंगे और चंद्रमा दोपहर के 12 बजे तक सिंह राशि में रहेंगे।
अंदल जयंती को आदि पूरम के नाम से भी जाना जाता है। इस त्योहार के दौरान देवी अंदल के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है।
अंदल जयंती इस साल 28 जुलाई, सोमवार को मनाई जाएगी। यह तमिल महीने ‘आदि’ में पूरम नक्षत्र के दिन पड़ती है।
- त्योहार के दौरान देवी अंदल की मूर्तियों को पालकी या रथ में रखकर शोभायात्रा निकाली जाती है।
- मान्यता है कि अंदल जयंती के दिन कुंवारी लड़कियां यदि सच्चे मन से पूजा करती हैं, तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
इस दिन मासिक विनायकी चतुर्थी भी है जिसे विनायकी व्रत के रूप में माना जाता है।
विनायकी व्रत की शुरुआत करने के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है जिसमें नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान और विशेष पूजा की जाती है।
व्रत के दौरान भगवान गणेश की पूजा की जाती है और विशेष मंत्रों का पाठ किया जाता है।