दिल्ली विधानसभा में हंगामा
नई दिल्ली – बुधवार को दिल्ली विधानसभा का वातावरण उस समय तनावपूर्ण हो गया जब फांसी घर के मुद्दे पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष की नेता आतिशी और तीन अन्य विधायकों – कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और प्रेम चौहान – को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। इसके बाद आप के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
भाजपा के आरोप
इस बहस की शुरुआत नियम 271 के तहत हुई जब भाजपा विधायक गजेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि आप पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा के इतिहास को तोड़-मरोड़ कर जनता को गलत जानकारी दी। विधानसभा परिसर को “फांसी घर” बताना ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है और इसका कोई प्रमाण इतिहासकारों के लेख या राष्ट्रीय अभिलेखागार के नक्शे में नहीं है।
“1912 में निर्मित यह भवन कभी संसद भवन हुआ करता था, जहां अंग्रेज नीतियों और कानूनों पर बहस करते थे। फांसी घर होने की कोई ऐतिहासिक पुष्टि नहीं है।”
पन्नू से चंदे के आरोप
भाजपा विधायक यादव ने यह भी आरोप लगाया कि आप पार्टी ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू से ₹134 करोड़ का चंदा लिया, जो अब वह पैसा वापस मांग रहा है और पार्टी पंजाब से उसकी वसूली की योजना बना रही है। इन आरोपों के बाद आप विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और बयान को कार्यवाही से हटाने की मांग की।
कपिल मिश्रा का बयान
कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार ने शहीदों का अपमान किया है। उन्होंने कहा:
“फांसी घर की झूठी कहानी गढ़कर इन लोगों ने नकली रस्सी, नकली फंदा और नकली दर्द का नाटक रचा। ये फर्जी मुख्यमंत्री, फर्जी सरकार और फर्जी बातें करते हैं।”
इस पर आप विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके जवाब में भाजपा विधायकों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामे को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष के सदस्य नहीं माने, जिसके बाद चार आप विधायकों को सदन से बाहर निकालने का निर्णय लिया गया। इसके विरोध में आप के अन्य सदस्य भी सदन से बाहर चले गये।