Astrology: पौष पूर्णिमा व्रत कब है? जानें सही डेट, पूजा विधि और उपाय 2026 में

Arvind Dubey

By Arvind Dubey
Jan 2, 2026, 16:00 PM IST

आज का राशिफल: पौष पूर्णिमा व्रत 2026 हिंदू पंचांग में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, और वर्ष 2026 की पहली पूर्णिमा पौष मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली है, जिसे पौष पूर्णिमा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण रूप में आकाश में उपस्थित होते हैं। इस कारण…

Astrology: पौष पूर्णिमा व्रत कब है? जानें सही डेट, पूजा विधि और उपाय 2026 में

आज का राशिफल: पौष पूर्णिमा व्रत 2026

हिंदू पंचांग में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, और वर्ष 2026 की पहली पूर्णिमा पौष मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली है, जिसे पौष पूर्णिमा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण रूप में आकाश में उपस्थित होते हैं। इस कारण से इस तिथि को मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। पौष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किया गया स्नान, दान और व्रत व्यक्ति के पापों का क्षय करता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।

शास्त्रों में कहा गया है कि पौष मास में किए गए धार्मिक कर्म, पौष पूर्णिमा के स्नान के बाद ही पूर्ण फल देते हैं। यही कारण है कि इस तिथि को पूरे पौष महीने का सार भी माना जाता है। पौष पूर्णिमा केवल पूजा-पाठ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसी पावन तिथि से प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ भी होता है। यह मेला भारत के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में गिना जाता है, जहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुँचते हैं।

पौष पूर्णिमा का महत्व और तिथियाँ

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 जनवरी 2026 को शाम 6 बजकर 53 मिनट से होगी और तिथि की समाप्ति 3 जनवरी 2026, दोपहर 3 बजकर 32 मिनट को होगी। चूंकि व्रत और पूजा उदया तिथि के आधार पर मानी जाती है, इसलिए पौष पूर्णिमा का व्रत 3 जनवरी 2026, शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा।

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

धार्मिक दृष्टि से पौष पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करना सबसे श्रेष्ठ माना गया है।

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:25 ए एम से 06:20 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त: 12:05 पी एम से 12:46 पी एम
  • विजय मुहूर्त: 02:09 पी एम से 02:51 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त: 05:34 पी एम से 06:02 पी एम
  • अमृत काल: 08:33 ए एम से 09:58 ए एम
  • निशिता मुहूर्त: 11:58 पी एम से 12:53 ए एम, जनवरी 04

इन समयों में किया गया दान-पुण्य विशेष फल देने वाला माना जाता है।

पौष पूर्णिमा पर दान का महत्व

पौष पूर्णिमा के दिन दान का भी खास महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य देता है और कुंडली में मौजूद नकारात्मक ग्रह प्रभावों को भी शांत करता है। इस दिन खासतौर पर सफेद रंग से जुड़ी वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है, जैसे:

  • दूध
  • चावल
  • चीनी
  • सफेद वस्त्र
  • चांदी
  • सफेद चंदन

इसके अलावा, खीर बनाकर प्रसाद के रूप में बांटना, जरूरतमंदों को कंबल और ऊनी कपड़े देना, चावल, गेहूं, तिल, गुड़, घी और दूध का दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है।

पौष पूर्णिमा का व्रत रखने के लाभ

मान्यताओं के अनुसार, पौष पूर्णिमा का व्रत रखने से मानसिक शांति मिलती है, आत्मबल मजबूत होता है, पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आ रही बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

पूजा विधि

पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। अगर नदी या किसी पवित्र स्थान पर स्नान संभव हो तो बहुत अच्छा माना जाता है, नहीं तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा की जगह को सलीके से साफ करें। एक चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति रखें। दीपक जलाएं, धूप दिखाएं और मन को शांत करके पूजा शुरू करें। भगवान विष्णु को फूल, चंदन, अक्षत और भोग अर्पित करें।

इसके साथ सूर्य देव को जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मन से भगवान का नाम लें, थोड़ा बहुत मंत्र या विष्णु सहस्रनाम पढ़ लें। अंत में पूर्णिमा व्रत कथा सुनें या पढ़ें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद को दान जरूर दें।

पूर्णिमा के उपाय

पूर्णिमा के दिन कुछ छोटे-छोटे उपाय करने से मन की अशांति दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। इस दिन सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल में थोड़ा सा गुड़ या लाल फूल डालकर अर्घ्य दें, इससे आत्मविश्वास और स्वास्थ्य में सुधार माना जाता है। शाम के समय चंद्रमा निकलने पर खुले आसमान के नीचे खड़े होकर चंद्रमा को दूध या जल से अर्घ्य दें और मन ही मन अपनी किसी एक मनोकामना को शांत भाव से रखें।

पूर्णिमा के दिन किसी भूखे व्यक्ति या जरूरतमंद को भोजन, दूध या सफेद वस्त्र दान करना बहुत शुभ माना जाता है। अगर मन भारी रहता है या मानसिक तनाव है, तो इस दिन सफेद मोमबत्ती या दीपक जलाकर कुछ देर शांत बैठना भी लाभ देता है। मान्यता है कि पूर्णिमा पर श्रद्धा से किए गए ये सरल उपाय जीवन में सुख, शांति और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।



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