लक्ष्मणझूला में गंगा में डूबा 13 वर्षीय बालक, बचाव कार्य जारी
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। उत्तराखंड के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना में **13 वर्षीय बालक आदित्य रतूड़ी** गंगा नदी में बह गया। यह घटना उस समय हुई जब आदित्य अपने छोटे भाई और कुछ पड़ोसियों के साथ गंगा किनारे घूमने गया था। इस घटना के तुरंत बाद, एसडीआरएफ और पुलिस की टीम बालक की तलाश में जुट गई है।
आदित्य रतूड़ी, जो कि ग्राम जौंक स्वर्गाश्रम का निवासी है, अपने छोटे भाई **11 वर्षीय विनय**, 22 वर्षीय किरायेदार **कौशल**, और 23 वर्षीय पड़ोसी **कर्मवीर** के साथ गुरुवार शाम को भागीरथी धाम के पास गंगा किनारे घूमने निकले थे। घटना के दौरान, आदित्य, विनय और कौशल गंगा में आगे बढ़ गए, तभी अचानक तीनों बालक गंगा में बहने लगे। इस संकट की घड़ी में कर्मवीर ने साहस दिखाते हुए गंगा में छलांग लगाई और विनय और कौशल को बचा लिया, लेकिन आदित्य गंगा की तेज धारा में बह गया।
बचाव कार्य में जुटी एसडीआरएफ और पुलिस
लक्ष्मणझूला थानाध्यक्ष **संतोष पैथवाल** ने बताया कि बचाव कार्य के लिए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है। बालक की डूबने की सूचना मिलने पर **एसडीआरएफ** के इंस्पेक्टर **कविंद्र सजवाण** की अगुवाई में टीम ने गहराई में जाकर सर्च अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ की टीम के पास **डीप डाइविंग उपकरण** भी हैं, जिससे वे गंगा की गहराई में जाकर बालक की तलाश कर रहे हैं।
कई घंटों की तलाश के बावजूद, बालक का कोई सुराग नहीं मिला है। बताया गया है कि नदी की गहराई का सही अनुमान न लगा पाने के कारण बालक डूब गया। इस कठिनाई को देखते हुए, टीम के डीप डाइवरों ने गहराई में जाकर काफी प्रयास किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण सर्च अभियान को रोक दिया गया। अब, शुक्रवार सुबह से पुनः सर्च अभियान शुरू किया जाएगा।
गंगा किनारे सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
यह घटना यह दर्शाती है कि गंगा नदी के किनारे घूमने वाले लोगों को सुरक्षा उपायों का पालन करना कितना आवश्यक है। गंगा की तेज धारा और गहराई का सही अनुमान न लगा पाना कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में, स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह गंगा किनारे सुरक्षा संबंधित चेतावनियों को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करे।
- गंगा किनारे चेतावनी संकेतों का स्थापित करना
- नदी के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती
- स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना
बालक की डूबने की यह घटना न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर संदेश भी देती है। सभी को चाहिए कि वे नदी किनारे सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार के जोखिम से बचें। हम सभी को इस तरह की घटनाओं से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न घटित हों।
अभी तक बालक की कोई जानकारी नहीं मिली है, और सभी की नजरें इस दिशा में प्रयासरत हैं। स्थानीय समुदाय और पुलिस प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि बालक को सुरक्षित निकाला जा सके। आशा की जाती है कि जल्द ही आदित्य का साहसिक बचाव किया जा सके।
इस घटना ने लोगों को एक बार फिर से गंगा नदी के प्रति सजग रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। हम सभी को चाहिए कि हम अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें और ऐसी घटनाओं से सबक लें।











