Medical News: कन्नौज मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर पर हंगामा, मरीज के बेटे का आरोप

सारांश

कन्नौज में चिकित्सा लापरवाही पर हंगामा, डॉक्टर पर आरोप कन्नौज के तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज में देरी और चिकित्सक द्वारा मरीज के परिजनों के साथ कथित मारपीट के मामले ने हंगामा खड़ा कर दिया है। यह घटना उस समय हुई जब एक मरीज को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था, लेकिन […]

kapil6294
Oct 30, 2025, 2:23 PM IST
कन्नौज मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर पर मारपीट का आरोप:मरीज के बेटे ने इलाज में देरी पर किया हंगामा

कन्नौज में चिकित्सा लापरवाही पर हंगामा, डॉक्टर पर आरोप

कन्नौज के तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज में देरी और चिकित्सक द्वारा मरीज के परिजनों के साथ कथित मारपीट के मामले ने हंगामा खड़ा कर दिया है। यह घटना उस समय हुई जब एक मरीज को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था, लेकिन समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के कारण परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया। पुलिस और सुरक्षा गार्डों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब इंदरगढ़ कस्बे के निवासी नरेश चंद्र की पत्नी विमला देवी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उनके बेटे रजत और दीपक उन्हें रात के समय राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि मरीज को काफी देर तक बिस्तर पर पड़े रहने दिया गया और कोई डॉक्टर उनकी स्थिति का जायजा लेने नहीं आया।

परिजनों का आरोप और डॉक्टर की लापरवाही

परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने डॉक्टर से मदद मांगी, तब एक चिकित्सक ने मरीज को देखने के बजाय उन्हें रेफर करने की बात कही और फिर इमरजेंसी कक्ष में चले गए। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ती गई। जब दीपक ने इमरजेंसी कक्ष का गेट खटखटाया, तो वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बार-बार गेट खटखटाने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए दीपक के साथ मारपीट की। यह सुनकर रजत और दीपक ने हंगामा शुरू कर दिया।

परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की इस लापरवाही के कारण उनकी माँ की स्थिति गंभीर हो गई। हंगामे के बाद मेडिकल कॉलेज के स्टाफ और तैनात गार्ड मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, पुलिस भी वहां पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए समझौता करने का प्रयास किया। अंततः परिजन मरीज को लेकर अन्यत्र चले गए।

प्राचार्य का बयान

इस मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सीपी पाल ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई घटना हुई है, तो वे इसकी जांच करेंगे और दोषी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना उनकी प्राथमिकता है।

इस घटना ने चिकित्सा व्यवस्था की गंभीरता को एक बार फिर से उजागर किया है। मरीजों को समय पर इलाज न मिलने की घटनाएँ अक्सर सामने आती हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती हैं। परिजनों का रोष और उनकी मांग है कि चिकित्सकों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से करना चाहिए।

समाज में चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते मुद्दे

कन्नौज में हुई इस घटना ने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब मरीज को तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है, तब ऐसी लापरवाही से जीवन पर खतरा मंडरा सकता है। इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की अत्यंत आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी, संसाधनों की कमी और उचित प्रशिक्षण का अभाव जैसी समस्याएं ऐसी स्थिति को जन्म देती हैं। समाज में इस मुद्दे को लेकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

कुल मिलाकर, इस घटना ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता है और इसके प्रति गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। आशा है कि संबंधित authorities इस मामले को गंभीरता से लेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।

UP News in Hindi


Author
कपिल शर्मा 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) और अमर उजाला में बतौर पत्रकार के पद पर कार्यरत कर चुके है अब ये खबर २४ लाइव के साथ पारी शुरू करने से पहले रिपब्लिक भारत... Read More

विज्ञापन