वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शातिर गांजा तस्कर गिरफ्तार
वाराणसी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर अपनी शौक पूरा करने के लिए अवैध गांजे की तस्करी कर रहे थे। बीती रात, NER पार्किंग के पास पुलिस ने इन्हें धर दबोचा, जहां से 17 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने दोनों तस्करों को जेल भेज दिया है और अब कार के मालिक की तलाश में जुटी है, जो वाराणसी का निवासी है।
पुलिस की चेकिंग अभियान में मिली सफलता
सिगरा पुलिस स्टेशन के एसीपी डॉ. इशांत सोनी के अनुसार, वाराणसी पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत चेकिंग अभियान चला रखा है। इसी दौरान, बीती रात पुलिस टीम ने NER पार्किंग के पास गश्त की। उसी समय एक पंचर कार से दो लोग तेजी से भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें दौड़कर पकड़ा। पूछताछ में इनकी पहचान सूर्यभान मौर्या और आनंद वर्मा के रूप में हुई।
- सूर्यभान मौर्या: निवासी थाना तरवा, आजमगढ़
- आनंद वर्मा: निवासी बड़ागांव, वाराणसी
पुलिस ने जब कार की तलाशी ली, तो उसमें से 17.700 किलो गांजा बरामद हुआ। दोनों तस्करों ने स्वीकार किया कि वे कई वर्षों से इस अवैध व्यापार में लिप्त थे।
गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत
एसीपी ने बताया कि पकड़े गए गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने जानकारी दी कि दोनों तस्कर उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। सूर्यभान ग्रेजुएट है, जबकि आनंद पोस्ट ग्रेजुएट। उन्होंने बताया कि उन्हें बिहार में मोहनिया के पास एक व्यक्ति ने गांजा दिया था, जिसका वितरण वाराणसी में करना था।
पुलिस की जानकारी के अनुसार पिछला इतिहास
सिगरा एसओ ने बताया कि सूर्यभान मौर्या पहले भी गांजा तस्करी में पकड़ा जा चुका है। वह तीन कुंतल गांजे के साथ आजमगढ़ में गिरफ्तार हुआ था और उसके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। हालांकि, आनंद वर्मा को पहले कभी पकड़ा नहीं गया था। दोनों तस्करों को पुलिस ने एनडीपीसी एक्ट के तहत जेल भेज दिया है।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि वाराणसी पुलिस अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए गंभीर है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि इस तरह के अपराधों को रोका जाए और समाज को सुरक्षित रखा जाए।
आगे की कार्रवाई और पुलिस की योजना
पुलिस अब तस्करी के इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे की जांच कर रही है। उन्हें आशंका है कि इन दोनों तस्करों के पीछे और भी लोग हो सकते हैं, जो इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। पुलिस ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट किया है ताकि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां की जा सकें।
वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में विश्वास जगाया है कि वे सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा तत्पर है। इस तरह की कार्रवाई से न केवल तस्कर डरेंगे, बल्कि समाज में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के लिए भी एक चेतावनी मिलेगी।
निष्कर्ष
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वाराणसी पुलिस अवैध तस्करी के खिलाफ सख्त है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर नजर रख रही है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तस्करों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है कि कानून हमेशा अपना काम करेगा।











