केरल में SSLC परीक्षा की तिथि की घोषणा
केरल के जनरल एजुकेशन मंत्री V शिवंकुट्टी ने बुधवार को घोषणा की कि माध्यमिक विद्यालय छोड़ने का प्रमाण पत्र (SSLC) परीक्षा 5 मार्च से 30 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, उच्च माध्यमिक – प्लस एक और प्लस दो, और व्यावसायिक उच्च माध्यमिक परीक्षाएं भी मार्च में ही होंगी। केरल बोर्ड की पहले वर्ष की परीक्षाएं 5 मार्च से 27 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी, जबकि केरल HSE के दूसरे वर्ष की परीक्षाएं 6 मार्च से 28 मार्च 2026 तक होंगी।
परीक्षा के परिणाम और मूल्यांकन की प्रक्रिया
मंत्री ने बताया कि SSLC कक्षा 10 के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 7 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच किया जाएगा, और परीक्षा के परिणाम 8 मई को घोषित होने की उम्मीद है। वहीं, उच्च माध्यमिक कक्षा 11 और कक्षा 12 की परीक्षाओं का मूल्यांकन 6 अप्रैल से शुरू होगा, जिसके परिणाम 22 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। इस वर्ष, कुल **4.25 लाख** छात्र SSLC 2026 परीक्षा में शामिल होंगे, जो **3,000** केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें **7** केंद्र खाड़ी क्षेत्र में और **9** केंद्र लक्षद्वीप में होंगे। इसके अतिरिक्त, लगभग **9 लाख** छात्र केरल बोर्ड की प्लस 1 और प्लस 2 परीक्षाओं में भी शामिल होने वाले हैं।
परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया
केरल SSLC IT मॉडल परीक्षाएं 12 जनवरी से 22 जनवरी तक आयोजित की जाएंगी और IT परीक्षाएं 2 फरवरी से 13 फरवरी तक होंगी। SSLC मॉडल परीक्षाएं 16 फरवरी से 20 फरवरी तक निर्धारित की गई हैं। छात्रों को SSLC परीक्षाओं के लिए आवेदन 12 नवंबर से 19 नवंबर के बीच जमा करने होंगे, जबकि विलंब शुल्क के साथ आवेदन 21 नवंबर से 26 नवंबर तक स्वीकार किए जाएंगे।
व्यावसायिक और प्रायोगिक परीक्षाओं की जानकारी
केरल बोर्ड की दूसरे वर्ष की व्यावसायिक परीक्षाएं 22 जनवरी से शुरू होंगी। पहले और दूसरे वर्ष की मॉडल परीक्षाएं 16 फरवरी से 26 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। छात्र परीक्षा आवेदन शुल्क 7 नवंबर तक जमा कर सकते हैं। पिछले वर्ष SSLC केरल बोर्ड की परीक्षाएं 4 मार्च से शुरू हुई थीं, जबकि HSE बोर्ड की परीक्षाएं 1 मार्च से प्रारंभ हुई थीं।
परीक्षा के महत्व और तैयारी के सुझाव
केरल में SSLC और HSE परीक्षाएं छात्रों के शैक्षणिक करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होती हैं। इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को एक ठोस योजना बनानी चाहिए। नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करना छात्रों के लिए फायदेमंद होगा। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना और तनाव को नियंत्रित करना भी आवश्यक है।
- नियमित अध्ययन: हर दिन कुछ समय अध्ययन के लिए निर्धारित करें।
- समय प्रबंधन: अध्ययन के लिए एक उचित समय सारणी बनाएं।
- पुनरावृत्ति: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का हल करें।
- मानसिक स्वास्थ्य: ध्यान और योग का अभ्यास करें।
इस तरह, छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जिससे वे न केवल अच्छे अंक प्राप्त कर सकें बल्कि आत्मविश्वास के साथ परीक्षा का सामना भी कर सकें। मंत्री ने सभी छात्रों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें बताया कि यह परीक्षा उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।











