1 नवंबर 2025 का पंचांग: महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारी
शनिवार, 1 नवंबर 2025 को भारतीय पंचांग में कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पहलुओं का विवरण प्रस्तुत किया गया है। इस दिन का महत्व न केवल तिथि के कारण है, बल्कि इसमें शामिल अन्य खगोलीय घटनाएं भी इसे खास बनाती हैं। चलिए जानते हैं इस दिन के बारे में विस्तार से।
तिथि और करण का महत्व
इस दिन की तिथि एकादशी है, जो शाम 06:04 बजे समाप्त होती है। एकादशी का दिन विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्तजन इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।
- करण: इस दिन के करण में बालवा और कौलवा शामिल हैं, जो क्रमशः 2025-08-21 तक सक्रिय रहेंगे। ये करण तिथि के आधे हिस्से को दर्शाते हैं और ज्योतिष में उनके विशेष अर्थ होते हैं।
मास और नक्षत्र की स्थिति
इस दिन का महीना कार्तिक है, जो हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण महीना है। इस महीने में कई धार्मिक त्योहार और अनुष्ठान होते हैं। नक्षत्र की दृष्टि से, इस दिन का नक्षत्र उत्तरा भाद्रपदा है, जो 10:50 PM पर समाप्त होता है। यह नक्षत्र विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इसके प्रभाव से विभिन्न कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
इस दिन सूर्योदय सुबह 06:00 AM पर होगा और सूर्यास्त शाम 06:00 PM पर होगा। चंद्र राशि इस दिन मीन (पिस्सेस) है, जबकि सूर्य राशि वृश्चिक (स्कॉर्पियो) है। यह संयोजन व्यक्ति की भावनात्मक और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
पंचांग के अन्य महत्वपूर्ण पहलू
1 नवंबर 2025 का पंचांग निम्नलिखित जानकारी भी प्रदान करता है:
- गुजराती संवत: 2082
- शक संवत: 1947
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- प्रविष्टे: 14
- योग: सिद्धि, जो एक शुभ योग है और इसका अंत TBD पर होगा।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्व
इस दिन का पंचांग केवल तिथि और समय के बारे में जानकारी नहीं देता, बल्कि यह व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करता है। विशेषकर एकादशी के दिन उपवास रखने वाले भक्तों के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन की पूजा और आराधना से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, 1 नवंबर 2025 का पंचांग विभिन्न ज्योतिषीय पहलुओं का एक समृद्ध स्रोत है। इसे ध्यान में रखते हुए, लोग अपने दैनिक कार्यों की योजना बना सकते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन कर सकते हैं। यह जानकारी न केवल हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि सभी के लिए महत्वपूर्ण है, जो ज्योतिष में रुचि रखते हैं।










