Bridge Mishap: रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण में क्रेन हादसा, दो की मौत

सारांश

पीथमपुर में निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज पर हुआ भीषण हादसा मध्य प्रदेश के पीथमपुर स्थित सागौर में गुरुवार की सुबह एक गंभीर दुर्घटना हुई। यहां निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज पर 40 टन वजनी गर्डर को उठाने के दौरान क्रेन पलट गई, जिससे यह सीधे एक पिकअप-लोडिंग वाहन पर गिर गई। इस भयानक हादसे में दो […]

kapil6294
Oct 31, 2025, 5:45 AM IST

पीथमपुर में निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज पर हुआ भीषण हादसा

मध्य प्रदेश के पीथमपुर स्थित सागौर में गुरुवार की सुबह एक गंभीर दुर्घटना हुई। यहां निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज पर 40 टन वजनी गर्डर को उठाने के दौरान क्रेन पलट गई, जिससे यह सीधे एक पिकअप-लोडिंग वाहन पर गिर गई। इस भयानक हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जिनमें कल्याण परमार और अभय पाटीदार शामिल हैं। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

हादसे के तुरंत बाद, क्रेन ऑपरेटर और ठेकेदार की लापरवाही पर सवाल उठने लगे। दुर्घटना के बाद सागौर में शवों को निकालने के लिए दो घंटे की कड़ी मशक्कत की गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने महू-नीमच हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे लगभग आठ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके फलस्वरूप, प्रशासन ने मुआवजे के रूप में 12 लाख रुपए देने का आश्वासन दिया और मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

परिजनों का गुस्सा और प्रशासन की प्रतिक्रिया

चक्काजाम के दौरान, परिजनों ने अपनी पीड़ा और गुस्से का इजहार किया। उनका आरोप था कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है। पुलिस ने चक्काजाम करने वाले चार लोगों, देवीलाल जाटव, भुवन शर्मा, हेमंत हीरोले और जीतू झालरिया के खिलाफ बलवा समेत अन्य धाराओं में नामजद मामला दर्ज किया है। इस घटना ने रेलवे और प्रशासन के बीच की जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

दुर्घटना के कारण: लापरवाही का एक नजारा

दो बड़ी लापरवाहियाँ ऐसी थीं जिनकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ। सबसे पहले, क्रेन का असंतुलन मुख्य कारण बना। क्रेन ऑपरेटर ने क्रेन के एक साइड के पाए के नीचे लोहे की प्लेट का बेस लगाया, जबकि दूसरी ओर बिना प्लेट के क्रेन को खड़ा कर दिया। बारिश के कारण जमीन भी नम थी, जिससे क्रेन ने जब भारी गर्डर उठाई, तो बिना प्लेट वाला हिस्सा धंस गया और क्रेन पलट गई।

दूसरी बड़ी लापरवाही यह थी कि ट्रैफिक को बंद नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, गर्डर रखने से पहले मार्ग को पूरी तरह से बंद या डायवर्ट किया जाना चाहिए। लेकिन यहां वाहनों की आवाजाही जारी रही। पिकअप, लोडिंग ट्रक और बाइकें लगातार गुजरती रहीं, और इसी कारण से दो लोगों की जान चली गई। यह घटना न केवल मृतकों के परिवारों के लिए बल्कि क्षेत्र के सभी निवासियों के लिए एक चेतावनी बन गई है।

स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई

स्थानीय प्रशासन ने इस हादसे के बाद एक उच्चस्तरीय जांच का आश्वासन दिया है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हादसे के बाद से ही सागौर में सुरक्षा के उपायों को और सख्त करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

इस प्रकार के हादसे न केवल पीड़ित परिवारों के लिए दुखद हैं, बल्कि यह समाज के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

समाज की सुरक्षा और उसके कल्याण के लिए यह जरूरी है कि निर्माण कार्यों में पूरी सावधानी बरती जाए। दुर्घटनाओं का यह सिलसिला अगर इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले समय में इसके परिणाम और भी घातक हो सकते हैं।

आखिर में, यह हादसा एक बार फिर हमें यह याद दिलाता है कि मानव जीवन की सुरक्षा का प्राथमिकता होनी चाहिए। हम सभी को मिलकर इस दिशा में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

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कपिल शर्मा 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) और अमर उजाला में बतौर पत्रकार के पद पर कार्यरत कर चुके है अब ये खबर २४ लाइव के साथ पारी शुरू करने से पहले रिपब्लिक भारत... Read More

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