तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी पर छठ पूजा को लेकर हमला बोला
पटना: जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के छठ पूजा पर दिए गए बयानों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी को इस पर्व के बारे में कुछ पता है और क्या वे वास्तव में इस परंपरा से जुड़े हुए हैं।
यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “क्या गांधी जी ने कभी छठ पूजा का आयोजन किया है या इस परंपरा को समझा है? एक ऐसा व्यक्ति जो विदेश भाग जाता है, वह इस पर्व के महत्व को कैसे समझ सकता है, जो कि भक्ति और अनुशासन में गहराई से निहित है।” तेज प्रताप यादव ने कहा।
राहुल गांधी की छठ पूजा पर अनभिज्ञता पर सवाल
तेज प्रताप यादव ने आगे कहा, “राहुल गांधी जी को छठ के बारे में क्या जानकारी है? क्या उन्होंने कभी छठ पूजा का आयोजन किया है? एक ऐसा व्यक्ति जो विदेश भाग जाता है, उसके पास छठ पर्व के बारे में क्या ज्ञान हो सकता है?” इस बयान के जरिए यादव ने राहुल गांधी की छठ पूजा के प्रति अनभिज्ञता को उजागर करने का प्रयास किया।
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी कांग्रेस सांसद पर हमला बोला, यह कहते हुए कि उन्होंने कभी राहुल के परिवार के किसी सदस्य को छठ पूजा करते नहीं देखा। उन्होंने कहा, “…वह चुल्लू भर पानी में डूबने वाली राजनीति कर रहे हैं, उन्हें यमुना मैया का क्या समझ आ सकता है। राहुल गांधी को छठ पूजा करने के लिए आना चाहिए था। मैंने कभी उनके परिवार से किसी को छठ पूजा करते नहीं देखा… आज वह छठी मैया का अपमान कर रहे हैं, और मुझे विश्वास है कि जो व्यक्ति छठी मैया की पूजा करता है, वह इस अपमान को नहीं स्वीकार करेगा…”
राहुल गांधी का ‘दो भारत’ का बयान
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में “दो भारत” हैं; एक ऐसा जो यमुना को साफ दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक अलग तालाब बनाता है, जबकि दूसरी ओर, नदी का प्रदूषण सभी के सामने है।
राहुल गांधी ने बिहार के नालंदा में एक रैली के दौरान कहा, “छठ पूजा के दौरान, पीएम मोदी ने यमुना में स्नान करने का निर्णय लिया। एक ओर, भारत और बिहार की वास्तविकता है, जहां यमुना प्रदूषित है, और दूसरी ओर, पीएम मोदी ने साफ पानी का एक छोटा तालाब बनाया है। साफ पानी पाइप से लाया गया ताकि पीएम मोदी उसमें स्नान कर सकें।”
आम आदमी पार्टी का आरोप
यह आरोप आम आदमी पार्टी द्वारा उठाए गए उस आरोप के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि भाजपा सरकार ने पीएम मोदी के छठ पूजा के दौरान स्नान करने के लिए “फर्जी यमुना” बनाई।
आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को X पर लिखा, “रेखा गुप्ता की सरकार ने वासुदेव घाट पर रील और वीडियो बनाने के लिए फर्जी यमुना बनाई। इसमें गंगा का छानकर लाया गया पानी डाला गया, और यह दावा किया गया कि यमुना को साफ किया गया है।”
संक्षेप में
तेज प्रताप यादव और कपिल मिश्रा के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि राजनीति में धार्मिक पर्वों का महत्व और उपयोग कैसे किया जाता है। छठ पूजा, जो कि भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, उस पर टिप्पणी करते समय नेताओं को सजग रहना चाहिए। यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है और इसे राजनीति का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।
वर्तमान में, छठ पूजा के दौरान नेताओं के बयानों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय राजनीति में संप्रदाय, संस्कृति और परंपरा का कितना महत्व है। ऐसे में यह देखना होगा कि राजनीतिक दल इस पर्व को किस तरह से अपने चुनावी प्रचार में शामिल करते हैं और इसके प्रति अपनी जिम्मेदारी को कैसे निभाते हैं।











