Builder Alert: नोएडा में 9 हजार करोड़ जमा करने का अंतिम दिन

सारांश

उत्तर प्रदेश में बिल्डरों के लिए बकाया जमा करने की डेडलाइन समाप्त यह चित्र बोर्ड बैठक का है, जिसमें प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार अधिकारियों से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों के लिए बकाया राशि जमा करने की डेडलाइन आज समाप्त कर दी है। प्राधिकरण ने […]

kapil6294
Oct 31, 2025, 6:09 AM IST

उत्तर प्रदेश में बिल्डरों के लिए बकाया जमा करने की डेडलाइन समाप्त

यह चित्र बोर्ड बैठक का है, जिसमें प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार अधिकारियों से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों के लिए बकाया राशि जमा करने की डेडलाइन आज समाप्त कर दी है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि बिल्डर निर्धारित समय के भीतर पैसा जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें राहत पैकेज से वंचित कर दिया जाएगा। इस संबंध में **43 बिल्डर परियोजनाओं** को नोटिस जारी किया गया था, जो प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार के निर्देश पर जारी किए गए थे।

बिल्डरों की प्रतिक्रिया और प्राधिकरण की स्थिति

प्राधिकरण ने बताया कि नोटिस जारी करने के बाद से अब तक एक भी बिल्डर ने अपनी बकाया राशि जमा नहीं की है। न ही किसी बिल्डर ने इस मामले में प्राधिकरण से कोई प्रश्न पूछे हैं। आज बकाया जमा करने की अंतिम तिथि है, और यदि बिल्डर अपनी बकाया राशि जमा नहीं करते हैं, तो **1 नवंबर** से मिलने वाली राहत को समाप्त कर दिया जाएगा। हालांकि, अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। प्राधिकरण के द्वारा लिए गए निर्णय शासन को भेजे गए हैं और वहां से अप्रूवल आने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।

अमिताभकांत समिति की सिफारिशों का प्रभाव

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि **अमिताभकांत समिति** की सिफारिशों के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने **21 दिसंबर 2023** को शासनादेश जारी किया था। इसके बाद प्राधिकरण ने पहले चरण में उन **57 बिल्डर परियोजनाओं** को शामिल किया, जिनका किसी न्यायालय में मामला विचाराधीन नहीं था। मार्च और अप्रैल 2024 से बिल्डरों ने बकाया राशि जमा करना शुरू किया था।

बकाया राशि का आंकड़ा और उसका महत्व

अधिकारियों के अनुसार, इन **57 परियोजनाओं** में से 35 बिल्डरों ने कुल बकाया में से **25 प्रतिशत** राशि जमा की है, लेकिन वे आगे किस्तें नहीं दे रहे हैं। वहीं, **100 करोड़ रुपए** तक के बकायादारों को एक साल में पूरी राशि जमा करनी थी। इसके अलावा, 12 परियोजनाओं के बिल्डरों ने कुछ न कुछ बकाया राशि जमा की है। हालांकि, करीब 10 परियोजनाओं के बिल्डरों ने कोई बकाया राशि जमा नहीं की है। इन **57 परियोजनाओं** के बिल्डरों पर प्राधिकरण का लगभग **9 हजार करोड़ रुपए** बकाया है।

बोर्ड बैठक में लिया गया निर्णय

इस महीने की बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बिल्डरों को बकाया जमा करने के लिए **31 अक्टूबर** तक का अंतिम समय दिया गया था। यदि इस अवधि में भी बिल्डर बकाया राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनका राहत पैकेज समाप्त कर दिया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा राहत पैकेज के तहत कोविड काल के दौरान दो साल का जीरो पीरियड और एनजीटी के आदेश के तहत अलग से जीरो पीरियड का लाभ प्रदान किया गया है।

भविष्य की योजनाएँ और अपेक्षाएँ

अब जब डेडलाइन समाप्त हो चुकी है, प्राधिकरण को उम्मीद है कि बिल्डरों की ओर से जल्द ही प्रतिक्रियाएँ आएँगी। यदि बिल्डर राहत पैकेज से वंचित होते हैं, तो यह उनके लिए वित्तीय संकट का कारण बन सकता है। इससे न केवल प्राधिकरण को आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि परियोजनाओं की प्रगति भी प्रभावित होगी।

बिल्डरों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर अपने बकाया राशि का भुगतान करें, ताकि प्राधिकरण द्वारा निर्धारित योजनाओं को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। इससे न केवल उनकी खुद की परियोजनाएँ प्रभावित होंगी, बल्कि आम जनता को भी आवासीय सुविधाओं का लाभ मिलना कठिन होगा।

इस स्थिति में प्राधिकरण की भूमिका महत्वपूर्ण है। अगर शासन से समय पर अनुमोदन मिलता है, तो प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिल्डरों का बकाया समय पर वसूला जा सके। इससे भविष्य में ऐसे हालात उत्पन्न नहीं होंगे और विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगा।

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कपिल शर्मा 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) और अमर उजाला में बतौर पत्रकार के पद पर कार्यरत कर चुके है अब ये खबर २४ लाइव के साथ पारी शुरू करने से पहले रिपब्लिक भारत... Read More

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