लातेहार में डूबने से बच्चों की मौत, दादी गंभीर घायल
झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना घटी है, जहां महुआमिलान गांव के लोहसेमना टोला स्थित डेंगा तालाब में नहाने के दौरान एक दादी के साथ गए उनके पोता-पोती की डूबने से मौत हो गई। इस घटना में दादी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जो अभी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। यह मामला स्थानीय लोगों और परिजनों के लिए एक बड़ा सदमा बन गया है।
मृत बच्चों की पहचान और पारिवारिक जानकारी
मृत बच्चों की पहचान सुशांत प्रजापति (5) और छोटी कुमारी (8) के रूप में हुई है। दोनों बच्चे धर्मपाल प्रजापति के पुत्र-पुत्री हैं। घटना के समय उनकी दादी तेतरी देवी (65) भी उनके साथ तालाब में नहा रही थीं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि तीनों नहाने के लिए गांव के पास स्थित तालाब गए थे, जहां यह दुखद घटना घटी।
दादी की डूबने की घटना और बच्चों की बहादुरी
तेतरी देवी अचानक गहरे पानी में फिसल गईं, जिससे वह डूबने लगीं। उनकी रक्षा के लिए दोनों बच्चे तालाब में कूद पड़े। हालांकि, पानी की गहराई अधिक होने के कारण दोनों बच्चे डूब गए। इस बीच, किसी तरह तेतरी देवी को बाहर निकलने में सफलता मिली। यह घटना बच्चों की साहस और दादी के प्रति उनके प्यार को दर्शाती है, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
स्थानीय लोगों और परिजनों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद तीनों को तुरंत चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टर नीलिमा कुमारी ने सुशांत और छोटी कुमारी को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनकर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे की घोषणा
घटना की सूचना मिलने के बाद चंदवा थाना प्रभारी रणधीर सिंह भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इसके साथ ही चंदवा के सीओ सुमित झा ने भी अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकारी प्रावधान के तहत परिजनों को मुआवजा दिलाया जाएगा। इस घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे गांव को गहरा दुख पहुंचाया है।
तालाब की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने तालाब में नहाने की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि तालाबों के आसपास सुरक्षा उपायों को सख्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इसके अलावा, बच्चों को तालाबों के पास अकेले जाने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। परिवारों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ हमेशा सतर्क रहें और उन्हें जल निकायों के पास अकेले न जाने दें। बच्चों की जान बचाने के लिए हमें एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
लातेहार में हुई इस दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। हमें इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे बच्चे सुरक्षित रहें और ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।








