Blood Survey: तुरिअम्बा गांव में नाइट ब्लड सर्वे आयोजित, 106 रक्त स्लाइड्स एकत्रित

सारांश

झारखंड में नाइट ब्लड सर्वे: फाइलेरिया रोग की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम गुमला जिले के मठतुरिअंबा (वार्ड–04) में हाल ही में एक नाइट ब्लड सर्वे का आयोजन किया गया। यह सर्वे विशेष रूप से फाइलेरिया (हाथीपांव) रोग की रोकथाम और नियंत्रण के उद्देश्य से किया गया। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य माइक्रो फाइलेरिया परजीवी […]

kapil6294
Oct 31, 2025, 6:01 AM IST
तुरिअम्बा गांव में नाइट ब्लड सर्वे का आयोजन, 106 रक्त स्लाइड्स का संग्रह

झारखंड में नाइट ब्लड सर्वे: फाइलेरिया रोग की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम

गुमला जिले के मठतुरिअंबा (वार्ड–04) में हाल ही में एक नाइट ब्लड सर्वे का आयोजन किया गया। यह सर्वे विशेष रूप से फाइलेरिया (हाथीपांव) रोग की रोकथाम और नियंत्रण के उद्देश्य से किया गया। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य माइक्रो फाइलेरिया परजीवी की उपस्थिति का सटीक आकलन करना था। ज्ञात हो कि ये परजीवी मानव रक्त में विशेष रूप से रात्रिकालीन समय में सक्रिय रहते हैं, इसलिए रात में किया गया रक्त परीक्षण इनकी पहचान के लिए अधिक प्रभावी होता है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस नाइट ब्लड सर्वे का महत्व बेहद उच्च है क्योंकि इससे संक्रमण की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिलती है। इसके साथ ही यह दवा वितरण की रणनीति तैयार करने और रोग नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावी बनाने में भी सहायक होता है। सर्वे के दौरान कुल 106 रक्त स्लाइड्स का संग्रह किया गया, जो इस कार्य की सफलता का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

स्वास्थ्यकर्मियों की टीम और सहयोगी संस्थाएं

यह सर्वे स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और सहयोगी टीमों के संयुक्त प्रयास से देर रात तक जारी रहा। इस कार्य में पीरामल फाउंडेशन टीम का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ, जिन्होंने स्थल पर समन्वय, प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता प्रदान की। सभी की मेहनत और समर्पण के कारण ग्राम मठतुरियाम्बा में नाइट ब्लड सर्वे का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह गुमला जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

सर्वे में शामिल स्वास्थ्यकर्मी

इस महत्वपूर्ण कार्य में कई स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें प्रमुख हैं:

  • भरत चंद्र दास
  • संतोष कुमार
  • शिवनाथ उरांव
  • प्रवीन कुमार
  • महेंद्र उरांव
  • प्रभात कुमार
  • सुचित कुमार
  • विनोद टिग्गा
  • विक्रम एक्का (सभी एमपीडब्ल्यू)
  • सहिया मंजू देवी
  • सेविका किरण कुमारी
  • वालंटियर पूजा उरांव
  • जल सहिया सरिता उरांव

इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर न केवल सर्वे को सफल बनाया, बल्कि फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह सर्वे न केवल गुमला जिले के लिए, बल्कि पूरे झारखंड राज्य के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए एक उदाहरण बन गया है। फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के खिलाफ इस तरह के प्रयासों से न केवल रोगों की पहचान में मदद मिलती है, बल्कि इससे लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।

समुदाय की जागरूकता और भविष्य की योजनाएं

इस सर्वे के माध्यम से समुदाय में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता फैलाने का भी कार्य किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को इस रोग के लक्षण, रोकथाम और उपचार के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसे और सर्वेक्षण करने की योजनाएं बनाई जा रही हैं ताकि फाइलेरिया के मामलों की पहचान और नियंत्रण में और भी सुधार हो सके।

स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रकार के सर्वे नियमित अंतराल पर किए जाएं, जिससे रोगों की पहचान और उनका उपचार समय पर किया जा सके। गुमला जिले में इस सर्वे की सफलता को देखते हुए अन्य जिलों में भी इसे लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

फाइलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन के लिए इस प्रकार के प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं, और यह न केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए, बल्कि समस्त समुदाय के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।

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कपिल शर्मा 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) और अमर उजाला में बतौर पत्रकार के पद पर कार्यरत कर चुके है अब ये खबर २४ लाइव के साथ पारी शुरू करने से पहले रिपब्लिक भारत... Read More

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