Taj Story विवाद: परेश रावल ने फिल्म का किया बचाव, कहा ‘भारत को बड़ा नुकसान…’

सारांश

परेश रावल ने ‘द ताज स्टोरी’ को लेकर उठे विवादों का किया बचाव प्रख्यात अभिनेता परेश रावल ने अपनी आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ के प्रति उठे विवादों का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिल्म कई अनकही कहानियों को जनता के सामने लाने का कार्य कर रही है। रावल ने कहा […]

kapil6294
Oct 30, 2025, 11:09 AM IST

परेश रावल ने ‘द ताज स्टोरी’ को लेकर उठे विवादों का किया बचाव

प्रख्यात अभिनेता परेश रावल ने अपनी आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ के प्रति उठे विवादों का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिल्म कई अनकही कहानियों को जनता के सामने लाने का कार्य कर रही है। रावल ने कहा कि यह फिल्म ताजमहल की वास्तुकला और उसके विकास की प्रक्रिया को दर्शाती है, जिसमें कई ऐतिहासिक सच्चाइयाँ छिपी हुई हैं।

फिल्म की विषयवस्तु और ऐतिहासिक तथ्यों पर ध्यान

परेश रावल ने एएनआई को बताया, “यह फिल्म ताजमहल की वास्तुकला और उसके परिवर्तन के बारे में है, जो किसी और के महल से उधार ली गई थी। इसमें यह भी दर्शाया गया है कि ताजमहल के निर्माण के दौरान लगभग 22,000 लोगों के हाथ काटे जाने के कुछ नकारात्मक धारणाएँ और गलतफहमियाँ थीं। यह सभी तथ्यों को उजागर करने का प्रयास है।” उन्होंने यह भी कहा कि “हम स्पष्टता लाने और प्राथमिक स्रोतों से ऐतिहासिक तथ्यों को प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं।”

विवादास्पद विषयों पर चर्चा

फिल्म में वकील की भूमिका निभा रहे अभिनेता जाकिर हुसैन ने भी इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “कुछ विषय ऐसे होते हैं जो विवाद उत्पन्न करते हैं। यह एक ऐतिहासिक घटना है और इसे 16वीं सदी से कई किताबों में उल्लेखित किया गया है। जब ताजमहल का निर्माण हो रहा था, तब किसी ने वहां जाकर अपनी व्याख्या लिखी थी। समय के साथ चीज़ों का अर्थ बदल जाता है। हम दर्शकों के सामने एक स्वस्थ बहस लाने का प्रयास कर रहे हैं।”

निर्माता की दृष्टि

फिल्म के निर्माता तुषार अमरिश गोयल ने परेश रावल और जाकिर हुसैन की परफॉर्मेंस के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “जाकिर सर की बहुआयामी प्रतिभा और परेश सर की कला के साथ, मुझे इसमें हास्य और थोड़ी कड़वाहट का अनुभव हुआ। इन दोनों तत्वों के संयोजन ने हमारी कहानी और फिल्म को बनाया।”

दिल्ली हाई कोर्ट का निर्णय

फिल्म की रिलीज से पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘द ताज स्टोरी’ के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) की तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह फिल्म “गढ़े गए तथ्यों” पर आधारित है और यह एक “विशिष्ट प्रचार” को बढ़ावा देती है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना और साम्प्रदायिक अशांति को भड़काना है।

फिल्म के ट्रेलर में विवादित सामग्री

याचिका के अनुसार, फिल्म का ट्रेलर, जो 16 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया, में ताजमहल के गुंबद को उठाते हुए भगवान शिव के एक प्रतीक को दिखाया गया है, जिससे यह इशारा मिलता है कि यह स्मारक मूलतः एक मंदिर था। याचिकाकर्ता का दावा है कि ऐसी छवियाँ “ऐतिहासिक तथ्यों को विकृत करती हैं, भारत की समग्र संस्कृति का गलत प्रतिनिधित्व करती हैं, और साम्प्रदायिक अशांति को भड़काने का जोखिम उठाती हैं।”

फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ की रिलीज की तारीख

फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ 31 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म का निर्माण और उसकी प्रस्तुति ऐतिहासिक तथ्यों को नई दृष्टि से दिखाने का प्रयास करती है, जो भारतीय दर्शकों के बीच बहस का विषय बन सकती है।

इस प्रकार, ‘द ताज स्टोरी’ न केवल एक फिल्म है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक चर्चा को जन्म देने का प्रयास करती है, जो समाज के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित कर सकती है।


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कपिल शर्मा 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) और अमर उजाला में बतौर पत्रकार के पद पर कार्यरत कर चुके है अब ये खबर २४ लाइव के साथ पारी शुरू करने से पहले रिपब्लिक भारत... Read More

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