जामताड़ा में जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण चौधरी का निधन
जामताड़ा | जामताड़ा जिले के परिवहन पदाधिकारी प्रवीण चौधरी का निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने जिले में शोक की लहर दौड़ दी है। प्रवीण चौधरी पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका निधन जामताड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय में शोकसभा के दौरान मनाया गया, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिला परिवहन पदाधिकारी के निधन के बाद, जामताड़ा में प्रशासनिक विभाग में गमगीन माहौल छा गया। उनके साथ काम करने वाले सहयोगियों ने बताया कि प्रवीण चौधरी एक कुशल और ईमानदार अधिकारी थे, जिन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दी। उन्हें जनता के प्रति अपने दायित्वों के प्रति उनकी निष्ठा के लिए जाना जाता था।
शोकसभा में उपस्थित लोगों की भावनाएं
शोकसभा में उपस्थित लोगों ने प्रवीण चौधरी के कार्यों और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उनके निधन से न केवल प्रशासनिक विभाग को नुकसान हुआ है, बल्कि यह जिले के लिए भी एक बड़ा क्षति है।
- प्रवीण चौधरी की कार्यशैली थी प्रेरणादायक
- उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों को निभाने में तत्परता दिखाई
- उनका निधन सभी के लिए एक शोक का विषय है
प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया
जामताड़ा के उपायुक्त ने भी प्रवीण चौधरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि चौधरी का योगदान अविस्मरणीय रहेगा और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी कहा कि प्रवीण चौधरी ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया और उनकी मेहनत से जिले को कई लाभ मिले।
जिले के अन्य अधिकारियों ने भी प्रवीण चौधरी की ईमानदारी और कार्य के प्रति उनकी लगन की तारीफ की। उनके सहकर्मियों का कहना है कि प्रवीण चौधरी ने अपने कार्यकाल में कई युवा अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया और उन्हें बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
समाज और परिवार की संवेदनाएं
प्रवीण चौधरी का निधन उनके परिवार के लिए भी एक बड़ा आघात है। उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि वे एक अच्छे पिता, पति और भाई थे। उनका परिवार इस कठिन समय में सभी से समर्थन की अपील करता है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि प्रवीण हमेशा अपने परिवार को प्राथमिकता देते थे और उनके बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है।
जामताड़ा में उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए कई लोग उनके नाम पर एक स्मारक स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि प्रवीण चौधरी के कार्यों और उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
निष्कर्ष
जामताड़ा में जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण चौधरी का निधन न केवल प्रशासनिक विभाग के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी मेहनत, निष्ठा और सेवा भावना को लोग हमेशा याद रखेंगे। उनकी याद में आयोजित शोकसभा ने यह साबित कर दिया कि प्रवीण चौधरी ने अपने जीवन में कितने लोगों को प्रेरित किया और उनके लिए एक मिसाल कायम की।
जामताड़ा की जनता और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रवीण चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह संकल्प लिया है कि वे उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए प्रयासरत रहेंगे और उनकी याद को हमेशा अपने दिल में जिंदा रखेंगे।










