बिहार: औरंगाबाद में युवक की हत्या का मामला, परिजनों ने लगाया आरोप
औरंगाबाद जिला के जम्होर थाना क्षेत्र में बड़वा मोड़ के निकट एक युवक की स्कार्पियो और बाइक के बीच हुई टक्कर में मौत हो गई। इस घटना ने एक नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह एक **हत्या** थी। मृतक की पहचान चित्रगोपी गांव निवासी **छोटू कुमार** के रूप में की गई है, जिनके परिजनों का कहना है कि उनका बेटा जानबूझकर मारा गया है।
मृतक के परिजनों का आरोप
छोटू कुमार के परिजनों ने पुलिस को दिए गए एक आवेदन में स्पष्ट किया है कि वह रोजाना की तरह होटल से खाना लेकर पड़रावा स्थित उत्पाद विभाग जा रहा था। उसी समय भोजा बिगहा गांव निवासी **अनिल कुमार यादव** और रूद्र खाप गांव निवासी **अशोक यादव** समेत अन्य लोग काले रंग की स्कार्पियो में वहां पहुंचे और जानबूझकर उन्हें बाइक समेत कुचल दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस घटना के बाद शव को पानी में फेंकने की भी कोशिश की गई।
साक्ष्य मिटाने का आरोप
परिजनों ने यह भी कहा कि वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य को मिटाने के उद्देश्य से मृतक की बाइक को धान के खेत में ले जाकर फेंक दिया। यह कदम इस बात का संकेत देता है कि यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों को यह शक था कि छोटू उत्पाद विभाग के लिए मुखबिर का काम कर रहा था, जिसके चलते उनकी हत्या की गई।
पुलिस की कार्रवाई
जम्होर थानाध्यक्ष **राजकिशोर प्रसाद** ने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर **एफआईआर** दर्ज की गई है। इसके अलावा, दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है। **सीओ अरुण कुमार** की उपस्थिति में एक टीम ने वीडियोग्राफी के साथ तीन डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही सदर विधायक **आनंद शंकर सिंह**, पैक्स अध्यक्ष **गुंजन कुमार**, पूर्व मुखिया **गुलशन कुमार** और अन्य स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
समुदाय में चिंता का माहौल
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि किस तरह से एक निर्दोष युवक की जान ले ली गई और इसके पीछे की वजह क्या हो सकती है। स्थानीय लोग यह भी सवाल उठाते हैं कि क्या इस तरह की घटनाएं सिर्फ एक संयोग थीं या फिर इनकी जड़ें कुछ और गहराई में हैं।
निष्कर्ष
बिहार के औरंगाबाद में हुए इस घटनाक्रम ने न केवल एक परिवार को तबाह किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और दोषियों को कड़ी सजा दिलाए। इसके साथ ही, उन्हें यह भी उम्मीद है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, ताकि स्थानीय लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।
इस मामले पर आगे की अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।










